अमित शाह थोड़ी देर में ‘इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल’ पर चर्चा का लोकसभा में देंगे जवाब, नए विधेयक में क्या-क्या है प्रावधान?

आजकल देश में नए इमीग्रेशन बिल को लेकर चर्चा जोरों पर है। घुसपैठ और अवैध अप्रवास रोकने के मकसद से लाए गए इस बिल का नाम इमिग्रेशन एंड फॉरेन बिल 2025 (अप्रवासन और विदेशी विधेयक) है। गृह मंत्री अमित शाह आज इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल पर चर्चा का जवाब देंगे। यह विधेयक भारत में एंट्री और बाहर जाने के लिए पासपोर्ट, वीजा, पंजीकरण और विदेशियों के नियमन से जुड़ा हुआ है।
आप्रवास विधेयक में संतुलन का अभाव- कांग्रेस
इससे पहले कांग्रेस ने आज लोकसभा में आप्रवास से संबंधित इस विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसमें संतुलन का अभाव है और कानून बनने के बाद इसका दुरुपयोग होने की प्रबल आशंका है। पार्टी सांसद मनीष तिवारी ने ‘आप्रवास और विदेशियों विषयक, 2025 विधेयक’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए सरकार से आग्रह किया कि इस विधेयक को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजा ताकि एक समग्र और संतुलित विधेयक पेश हो। उन्होंने कहा, ‘‘हमने स्वतंत्रता की लड़ाई क्यों लड़ी थी? क्या यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन के लिए थी? नहीं। यह कुछ मूल्यों और सिद्धांतों के लिए थी।’’
‘विधेयक के माध्यम से सरकार को बहुत शक्ति दी जा रही’
उनका कहना था कि जब कोई विधेयक लाया जाए तो यह सुनिश्चित किया जाए कि उसका मौलिक अधिकारों पर असर नहीं हो। तिवारी ने कहा कि विदेशियों के आगमन को नियंत्रित करना और घुसपैठ को रोकना जरूरी है, लेकिन नागरिकों के अधिकारों के साथ संतुलन बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से सरकार को बहुत शक्ति दी जा रही है और उससे कानून का दुरुपयोग होने की आशंका बढ़ जाती है। कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘अगर कोई सत्तापक्ष की विचारधारा से इत्तेफाक नहीं रखता तो क्या उसके खिलाफ इस कानून का दुरुपयोग नहीं हो सकता है?’’ उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि अतीत में ऐसी बाते हुई हैं और किसान आंदोलन के समय कुछ लोगों को भारत आने से रोका गया, लेकिन बाद में प्रवासी भारतीय सम्मेलन में उन्हीं लोगों को बुलाकर सम्मानित किया गया।
खत्म होंगे ये पुराने 4 कानून
बता दें कि इस बिल के कानून बनने के बाद इमिग्रेशन और विदेशी नागरिकों से जुड़े 4 पुराने कानूनों को भी खत्म किया जाएगा। जिससे अवैध घुसपैठियों से देश का पीछा छूटेगा। इमिग्रेशन एंड फॉरेन बिल 2025 के कानून बनने के बाद सरकार 4 कानून खत्म हो जाएंगे। जिनमें फॉरेनर्स एक्ट 1946, पासपोर्ट एक्ट 1920, रजिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेनर्स एक्ट 1939 और इमिग्रेशन एक्ट 2000 शामिल हैं। सरकार नए कानून बनते ही इन चारों को खत्म कर देगी।
क्या है नए बिल में?
- इस नए बिल में यह प्रस्ताव रखा गया है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता को प्राथमिकता देते हुए अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के एंट्री और निवास कड़े नियमों के दायरे में रहेंगे।
- इसमें प्रावधान है कि अगर किसी व्यक्ति की मौजूदगी देश की सुरक्षा के लिए खतरा है या फिर वह देश में फर्जी डाक्यूमेंट के आधार पर रह रहा है या देश में अवैध रूप से नागरिकता हासिल करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- इसके अलावा, अगर किसी विदेश के आने से भारत के किसी अन्य देश के साथ संबंध प्रभावित होने की संभावना है तो उसे देश में घुसने से रोका जा सकता है। इस बिल में प्रस्ताव रखा गया है कि इमिग्रेशन अधिकारी के फैसले को अंतिम माना जाएगा।
- बिल में यह भी है कि अगर कोई व्यक्ति बिना वैलिड पासपोर्ट के या यात्रा दस्तावेज के देश में आता है तो उसे पांच साल की कैद या 5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
- अगर कोई जाली डाक्यूमेंट का इस्तेमाल कर या धोखाधड़ी से पासपोर्ट हासिल करता है तो उसे 2 साल से लेकर 7 साल तक की कैद हो सकती है। साथ ही ऐसे मामलों में कम से कम 1 लाख से लेकर 10 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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